कविता· 2013
हम मरने के बाद जियेंगे
Taruvar Ki Chaaon · Rajneesh
आज मुझे विष पी लेने दो,
और किसी दिन सुधा पियेंगे।
तुम जैसे भी चाहे जी लो,
हम मरने के बाद जीयेंगे।
इतना नमक तुम्हारा खाया,
तन गिरवीं मन बिका हुआ है।
सतधर्मी के दरवाजे पर,
भ्रम का पाहुन टिका हुआ है।
फूलों को निंदा करने दो, कांटे तो इतिहास लिखेंगे,
तुम जैसे भी चाहे जी लो हम मरने के बाद जीयेंगे।
सूरजवंशी दिन देखे हैं,
रात उमर खय्यामी देखी,
हमने बड़े बड़े लोगों की,
काशी में नीलामी देखी
तुम बेफिक्री से सो जाओ, मेरे साथ मंत्र जागेंगे,
तुम जैसे भी चाहे जी लो हम मरने के बाद जीयेंगे।
जिगरी दोस्त न चाहे परखे,
जानी दुश्मन तो जाचेंगे,
मेरे लिखे हलफनामे को,
आने वाले युग बाचेंगे,
जब हम तुमको मिल न सकेंगे, मेरे गीत जरूर मिलेंगे।
तुम जैसे भी चाहे जी लो हम मरने के बाद जीयेंगे।
स्रोत: Taruvar Ki Chaaon
अद्यतन: 4 सितंबर 2026