24 जून 1928 — 27 मार्च 2013
हम मरने के बाद जियेंगे..
01
उनकी कविताओं और साहित्यिक रचनाओं से कुछ चयनित पंक्तियाँ।
कविता
आज मुझे विष पी लेने दो, और किसी दिन सुधा पियेंगे। तुम जैसे भी चाहे जी लो, हम मरने के बाद जीयेंगे। …
सद्भावनाओं का आत्मा के साथ, सतत् सहवास ही, साहित्य है।
बांकेलाल श्रीवास्तव “रजनीश”
02
तस्वीरों और संस्मरणों में सहेजा गया एक जीवन।
हिंदी साहित्य के दो महान कवि रजनीश जी व डॉ० कुंवर बेचैन जी